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| रक्षा बंधन - राखी। चित्र सौजन्य राइके - विकिपीडिया कॉमन्स |
रक्षा बंधन का त्यौहार भाई बहिन के आपस मे अपने पवित्र सनेह और कर्त्तव्य का प्रतीक है। बहने अपने भाइयों के कलाई में राखी बांधते है और भाई अपने बहनो का रक्षा का प्रण करता है। यह त्यौहार पौराणिक काल से चला आ रहा है।
कुछ प्रान्तों में इसी दिन कजरी पूर्णिमा मनाई जाती है। घर क़ि सफाई किया जाता है और पूजा स्थल पे विभिन चित्रो अंकित किया जाता है और शाम को स्त्रियां पूजा के वास्तु अपने सर पे ले कर आदर पूव तालाब मे विसर्जन के लिया ले जाते हैं।
कुछ प्रान्तों मे इस दिन नारियल पूर्णिमा के रूप मे मनाई जाती है और वरुण देवता का पूजा किया जाता है।
दक्षिन मे अवनि अविट्टम के रूप मे मानते है और उपकर्म करते है और नवीन पवित्री का धारण किया जाता हैं।
